Motivational Books (Hindi)

 1. Rich dad Poor dad Click Here to read full book

Books Summary - मैं जितना ज़्यादा ‘परिष्कृत” होता जाता हूँ, उतने डी अवसर मुझे मिलते जाते हैं| ज़िंदगी में फ़ायलेंशियल बुद्धि विकसित करने का एक और फ़ायदा यह होता हैं कि इससे आपके सामने ज़्यादा अवसर आते हैं। और आपकी फ़ायनेंशियल बुद्धि जितनी ज़्यादा बढ़ती जाती हैं, आपके लिए यढ बताना आसान होता जाता हैं कि कोई सौदा अच्छा हैं या बुय। आपकी बुद्धि तत्काल एक बुरे सौदे को पहचान सकती हैं या एक बुरे सौदे को अच्छे सौंदे में बदल सकती है। मैं जितना ज़्यादा सीखता हूँ – और सीखने के लिए अभी बहुत कुछ बाकी हैं – मैं उतना डी ज़्यादा पैसा सिर्फ़ इसलिए कमाता हूँ क्योंकि समय के साथ-साथ मेरा अनुभव और बुद्धि बढ़ती जाती हैं। मेरे कुछ दोस्त अब भी सुरक्षित खेल खेल रे हैं और अपने प्रोफ़ेशन में कड़ी मेडजत कर रडे हैं परंतु उनकी फ़ायनेंशियल बुद्धि विकसित नहीं डो पाई हैं जिसे विकसित डोने में बहुत समय लगता है मेरी कुल जमा फ़िलॉसफ़ी हैं अपने संपत्ति वाले कॉलम में बीज बोला। यह मेरा फ़ॉर्मूला है। में छोटे पैमाने पर शुरू करता हूँ और बीज बोता डूँ। कुछ बीज उग जाते हैं और कुछ नहीं उगते। डमारे रियल एस्टेट कॉरपोरेशन में हमारे पास करोड़ों डॉलर की प्रॉपर्टी हैं। यह डमारा अपना आर.ई.आई.टी., यानी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट हैं। अब मैं आपको यह पते की बात बताना चाहता हूँ कि इन करोड़ों में से कई प्रॉपर्टीज़ तो 5,000 डॉलर से 10,000 डॉलर के निवेश से शुरू हुई थीं। नक़ठ पैसे से ख़रीदी गई यह प्रॉपर्टीज़ ख़ुशक़िस्मती से तेज़ी से बढ़ते बाज़ार में ज़्यादा कीमत हो गई थीं और टैक्स से मुक्त रहते हुए इन्हें ख़रीठा और बेचा गया था और ऐसा कई सालों तक किया गया था।

2. The intelligent investor Click Here to read full book

Books Summary - जब एक सलाहकार आपसे एसे सवाल गया छा हैं – और आपमें पर्याप्त रुचि नहीं दिखाता हैं तब आपको सहजता से यह समझने में देर नहीं करनी चाहिए कि उसके लिए आप एक अच्छा फिट नहीं है। इन सबके ऊपर, आपको अपने सलाहकार पर भरोसा करना हि ता गए ताकि आप उसे अपने सबसे बड़े दुश्मन से बचाने के लिए अनुमति दे सकें। टिप्पणीकार निक मरे ने कहा हैं कि “आप एक सलाहकार को पैसे का प्रबंधन करने के लिए नहीं बल्कि आप अपने आपको प्रबंधित करने के लिए नियुक्त करते है।” वित्तीय नियोजन विश्लेषक रॉबर्ट वेस कहते हैं, “अगर सलाहकार आपके और आपके सबसे खराब आवेग की प्रवृत्ति के बीच रक्षा की एक पंक्ति है,” “तो उसके पास ऐसी प्रणालियाँ होनी चाहिए जो आप दोनों को नियंत्रित करने में मदद करें।” : एक व्यापक वित्तीय योजना जो यह बताती है कि आप अपने पैसे कैसे कमाएंगे, बचाएंगे, खर्च करेंगे, उधार लेंगे और निवेश करेंगे; निवेश करने के लिए आपके मौलिक दृष्टिकोण को दिशा देने वाली विनिवेश नीति वक्तव्य; एसेट-आवंटन योजना जो यह बताती है कि विभिन्‍न निवेश श्रेणियों में आप कितना पैसा रखेंगे। ये सभी ऐसे बिल्डिंग ब्लॉक्स हैं जिन पर अच्छे वित्तीय निर्णय स्थापित किए 7 जाने चाहिए, और उन्हें परस्पर-आप और सलाहकार द्वारा बजाय एकतरफा लागू किए इन्हें बनाया जाना चाहिए। आपको तब तक एक डॉलर भी निवेश नहीं करना चाहिए या इसका निर्णय नहीं लेना चाहिए जब तक आप संतुष्ट नहीं होते कि, यही वह नींव हैं, जिस पर आप अपना निर्माण करना चहतते हैं।

3. Attitude is everything Click Here to read full book

“यह वह है जिसे हम प्यार कहते हैं,” लड़के ने कहा, यह देखते हुए कि हवा जो उसने अनुरोध किया था उसे देने के करीब था। “जब आप प्यार करते हैं, तो आप सृष्टि में कुछ भी कर सकते हैं। जब आपको प्यार किया जाता है, तो यह समझने की कोई ज़रूरत नहीं है कि क्‍या हो रहा है, क्योंकि आपके भीतर सब कुछ होता है, और यहां तक कि पुरुष खुद को हवा में बदल सकते हैं। जब तक हवा मदद करती है, तब तक। हवा गर्व से भरी हुई थी, और लड़का जो कह रहा था, उससे चिढ़ हो रही थी। इसने कठिन परिश्रम करने की शुरुआत की, रेगिस्तान की रेत को ऊपर उठाया। लेकिन अंत में यह पहचानना पड़ा कि, दुनिया भर में अपना रास्ता बनाते हुए, यह नहीं जानता था कि एक आदमी को हवा में कैसे मोड़ना है। और यह प्यार के बारे में कुछ नहीं जानता था। “दुनिया भर में मेरी यात्रा में, मैंने अक्सर लोगों को प्यार की बातें करते हुए और स्वर्ग की ओर देखते हुए देखा है,” हवा ने कहा, अपनी खुद की सीमाओं को स्वीकार करने के लिए उग्र। “शायद स्वर्ग माँगना बेहतर है।”

4. The power of Habit Click Here to read full book

Book Summary - यह अल्वबामा राज्य के मॉन्टगोमेरी शहर की बात है। उस दिन गुरूवार था और तारीख थी । दिसंबर सन 955 । वह महिला मॉन्‍्टगोमेरी स्टोअर्स नायक डिपार्टमेंट स्टोअर में दर्जी के तौर पर काम करती थी और दिनभर अपना काम के बाद बस से घर लौट रही थी। बस में काफी भीड़ थी और उस दौर के कानून के अनुसार आगे की चार सीटें श्वेत (गोरे) यात्रियों के लिए आरक्षित थीं पीछे के जिस हिस्से में अश्वेत (काले) यात्रियों को बैठने की इज़ाज़त थी, वह पहले ही भर चुका था। इसलिए रोजा पार्क्स नामक वह महिला श्वेत यात्रियों के ठीक पीछे स्थित बीचवाली पंक्ति की एक सीट पर बैठ गई। उस पंक्ति में हर किसी को बैठने की इज़ाज़त थी। जैसे-जैसे बस अपने मार्ग से आगे बढ़ी, कुछ और यात्री बस में चढ़े। जल्द ही सभी सीटें भर गईं, जिसके चलते कुछ यात्रियों को खड़े-खड़े सफर करना पड़ रहा था। इनमें एक श्वेत यात्री भी था, जो बस की छत पर लगी रॉड पकड़े खड़ा हुआ था। जब बस के ड्राइवर जेम्स एफ. ब्लेक ने देखा कि एक श्वेत यात्री खड़ा हुआ है, तो उसने बीचवाली पंक्ति की सीटों पर बैठे अश्वेत यात्रियों को कल उठने को कहा। इन अश्वेत यातिरियों में एक रोजा पार्क्स भी थीं। ड्राइवर के हिल्लाने के गा द किसी भी अश्वेत यात्री ने अपनी सीट नहीं छोड़ी। भीड़ के कारण बस में काफी भी था इसलिए शायद अश्वेत यात्रियों को ड्राइवर की आवाज़ सुनाई नहीं दी थी। अचानक ड्राइवर ने मॉन्टगोमेरी मार्ग पर एम्पायर थिएटर के सामने के बस स्टॉप पर बस को रोका और उठकर बस के पिछले हिस्से की ओर चल पड़ा।

5. The Alchemist Click Here to read full book

“यह वह है जिसे हम प्यार कहते हैं,” लड़के ने कहा, यह देखते हुए कि हवा जो उसने अनुरोध किया था उसे देने के करीब था। “जब आप प्यार करते हैं, तो आप सृष्टि में कुछ भी कर सकते हैं। जब आपको प्यार किया जाता है, तो यह समझने की कोई ज़रूरत नहीं है कि क्‍या हो रहा है, क्योंकि आपके भीतर सब कुछ होता है, और यहां तक कि पुरुष खुद को हवा में बदल सकते हैं। जब तक हवा मदद करती है, तब तक। हवा गर्व से भरी हुई थी, और लड़का जो कह रहा था, उससे चिढ़ हो रही थी। इसने कठिन परिश्रम करने की शुरुआत की, रेगिस्तान की रेत को ऊपर उठाया। लेकिन अंत में यह पहचानना पड़ा कि, दुनिया भर में अपना रास्ता बनाते हुए, यह नहीं जानता था कि एक आदमी को हवा में कैसे मोड़ना है। और यह प्यार के बारे में कुछ नहीं जानता था। “दुनिया भर में मेरी यात्रा में, मैंने अक्सर लोगों को प्यार की बातें करते हुए और स्वर्ग की ओर देखते हुए देखा है,” हवा ने कहा, अपनी खुद की सीमाओं को स्वीकार करने के लिए उग्र। “शायद स्वर्ग माँगना बेहतर है।”

6. Secrets-of-the-millionaire-mind Click Here to read full book

Books Summary - इस पुस्तक में हम प्रकटीकरण की प्रक्रिया (Process of Manifestation) के बारे में पहले भी बातचीत कर चुके हैं।आइए, ज़रा उस फ़ॉर्मूले की समीक्षा कर लें : विचार भावनाओं की ओर ले जाते हैं, भावनाएँ कार्यों की ओर ले जाती हैं और कार्य परिणामों की ओर ले जाते हैं। करोड़ों लोग अमीर बनने के बारे में “सोचते” हैं और हज़ारों लोग अमीर बनने के लिए संकल्प लेते हैं, मानसिक तस्वीर देखते हैं और साधना करते हैं। मैं लगभग हर दिन साधना करता हो बहरहाल, साधना करते समय या मानसिक तस्वीर देखते समय मेरे सिर पर कभी नोटों की गड्डियाँ नहीं बरसीं। मुझे लगता है कि मैं उन चंद दुर्भाग्यशाली लोगों में हे जि हू जिन्हें सफल होने के लिए सचमुच कुछ करना पड़ेगा। संकल्प, साधना और तस्वीर देखना मा बहुत बहुत बढ़िया साधन हैं, लेकिन जहाँ तक मैं सत हूँ, उनमें से कोई भी अपने आप असल दुनिया में आपको पैसा लाकर नहीं देगा। असल दुनिया में सफल होने के लिए आपको असली “काम” करना होगा। यह काम इतना महत्वपूर्ण क्यों है? आइए, हम प्रकटीकरण की प्रक्रिया की ओर लौटते हैं। विचारों और भावनाओं की ओर देखें। वे अंदरूनी जगत का हिस्सा हैं या बाहरी जगत का? अंदरूनी जगत का। अब परिणामों की ओर देखें। वे किस जगत का हिस्सा हैं? बाहरी जगत का। इसका मतलब है कि काम अंदरूनी और बाहरी जगत के बीच का “पुल” है।

7. The 5 AM Club Click Here to read full book

Book Summary -आज का दिन अनमोल है। दुनिया की सारी दौलत भी उसे लौटाकर नहीं ला सकती। इसलिए, मैं इसे कसकर पकड़ रहा हूँ और इसका मनोहर आनन्द ले रहा हूँ। मैं इसका आदर करता हूँ। आज के दिन, मैं अपने दिमाग़ को बड़े-बड़े सपनों से भरता हूँ, अत: अब उसमें छोटे-मोटे सन्देहों के लिए जगह नहीं बचे। मैं “नहीं, कभी नहीं की मानसिकता को “कर सकता हूँ” की सोच बुद्धि से बदल हा हूँ । और ही याद है कि मेरा सबसे बड़ा विकास मेरी उच्चतम सीमाओं की दरहरी, दाँतोंवाली किनारियों से छू रहा है। आज का दिन, मैं याद करूँगा कि जब तक मेरा उद्देश्य, मेरा मनोरोग नहीं बन जाता, मेरे उपहार कभी, मेरे दीप-स्तम्भ नहीं बन पाएंगे। और जब तक मेरे अपने जीवन की श्रेष्ठता से भी आगे मैं नहीं बढ़ जाता, जीवन की असुरक्षा से मैं स्वयं नहीं उबर पाऊँगा, मैं इन कीमती घंटों से मिलने का मूल्यवान अवसर खो दूँगा, जहाँ मैं सहायता का साधन बनकर मदद कर सकता था।

8. 7 Habits of Highly Effective People Click Here to read full book

Books Summary - आपकी पृष्ठभूमि क्या है और आपने 7 आदतें कैसे लिखी?

यह समझा जाता था कि मैं अपने पिता का बिज़नेस सँभालूँगा। बहरहाल, मैंने पाया कि बिज़नेस से ज़्यादा आनंद मुझे लीडर्स को सिखाने और प्रशिक्षित करने में आता है। जब मैं हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल में था, तब संगठनों के मानवीय पहलू में मेरी गहरी रुचि जाग्रत हुई और मैं इसमें संलग्न हो गया। बाद में मैंने ब्रिघम यंग युनिवर्सिटी में बिज़नेस के विषय पढ़ाये और कई वर्षों तक परामर्श दिया, सलाह दी और प्रशिक्षण दिया। उस दौरान सिद्धांतों के क्रमबद्ध और संतुलित समूह के चारों ओर संगठित लीडरशिप और मैनजमेंट विकास कार्यक्रमों को विकसित करने में मेरी रुचि जाग्रत हुई। ये अंततः 7 आदतों में विकसित हो गये। जब हमने संगठनों में इस पर अमल करना शुरू किया, तो ये 7 आदतें सिद्धांत-केंद्रित लीडरशिप की अवधारणा में विकसित हुईं। मैंने युनिवर्सिटी छोड़ने का फ़ैसला किया, ताकि मैं पूर्णकालिक रूप से सभी तरह के संगठनों के एक्ज़ीक्यूटिव्ज़ को प्रशिक्षित कर सकूँ। बहुत ही सावधानीपूर्वक विकसित किये गये पाठ्यक्रम के बाद हमने ऐसा बिज़नेस तैयार किया, जिसकी वजह से हम इस सामग्री को दुनिया भर के लोगों तक ले जाने में समर्थ हुए।उन लोगों पर आपकी प्रतिक्रिया क्या होती है, जो यह दावा करते हैं कि उनके पास सफलता का सच्चा फ़ॉर्मूला है?मैं दो बातें कहूँगा। पहली, अगर उनकी कही बातें सिद्धांतों या प्राकृतिक नियमों पर आधारित हैं, तो मैं उनसे सीखना चाहूँगा और उनकी अनुशंसा करूँगा। दूसरी बात मैं यह कहूँगा कि हम शायद उन्हीं मूलभूत सिद्धांतों या प्राकृतिक नियमों का वर्णन करने के लिये अलग-अलग शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।

9. As A Man Thinketh Click Here to read full book

Books Summary - मानसिक शांति बुद्धिमत्ता का सुंदर रत्न है। जिस तरह मोती की खोज में गोताखोर को गहरे पानी में जाना होता है, उसी तरह मानसिक शांति का यह रत्न भी आसानी से नहीं मिलता है। यह आत्म-नियंत्रण के लंबे और धैर्यवान प्रयासों का परिणाम होती है। मानसिक शांति परिपक्क अनुभव की निशानी है। इससे पता चलता है कि वह व्यक्ति नियमों और विचार प्रक्रियाओं को सामान्य से ज़्यादा अच्छी तरह समझता है। इंसान उसी हद तक शांत रहता है, जिस हद्द तक वह यह मानता है कि उसका जीवन उसके विचारों का परिणाम है। इस ज्ञान के लिए यह समझना भी जरूरी है कि दूसरों की परिस्थितियाँ और व्यक्तित्व भी उनके विचारों के परिणाम हैं।जब उसमें सही समझ आ जाती है और कारण तथा परिणाम के नियम की मदद से वह चीजों के आंतरिक संबंधों को ज़्यादा स्पष्टता से देख लेता है, तो वह बात का बतंगड़ नहीं बनाता, विचलित नहीं होता,चिंता नहीं करता और दुखी नहीं होता। वह हर स्थिति में संतुलित और शांत बना रहता है। शांत व्यक्ति खुद पर शासन करना सीख लेता है, इसलिए वह दूसरों के ता रूप ढलने का तरीका जानता है। और दूसरे लोग उसकी आत्मिक शक्ति के कायल होते लता वे महसूस करते हैं कि वे उससे सीख गा ई और उस पर भरोसा कर सकते हैं।इंसान जितना ज़्यादा शांत होता है, उसकी सफलता, प्रभाव और नेकी करने की शक्ति उतनी ही ज़्यादा बढ़ती है। सामान्य व्यापारी भी अगर ज़्यादा आत्म-नियंत्रण और शांति विकसित कर ले, तो उसकी व्यापारिक समृद्धि बढ़ जाएगी, क्योंकि लोग हमेशा शांत व्यक्ति के आस-पास रहना चाहते हैं।

10. Think and grow rich Click Here to read full book

Book Summary -गरीबी और अमीरी में कोई समझौता नहीं हो सकता! गरीबी और अमीरी की सड़के विपरीत दिशाओ में जाती हैं। अगर आप अमीरी चाहते हैं तो आपको ऐसी किसी भी परिस्थिति को अस्वीकार करना चाहिए, जो गरीबी की तरफ ले जाती है। (अमीरी’ शब्द का प्रयोग यहाँ पर सबसे व्यापक अर्थ में किया गया है, जिसमें आर्थिक, आध्यात्मिक, मानसिक और भौतिक अमीरी शामिल है।) अमीरी की तरफ जानेवाली राह का शुरुआती बिंदु है इच्छा। अध्याय एक में आपको पूरे निर्देश दिए गए है कि आप अपने मन को किस तरह इच्छा के प्रैक्टिकल प्रयोग के लिए तैयार करें। यही वह जगह है, जहाँ आपको खुद को चुनौती देनी चाहिए, जो निश्चित रूप से यह निर्धारित करेगी कि आपने इस फिलॉसफी के कितने हिस्से को ग्रहण किया है। यही वह बिंदु है जहाँ आप भविष्यवक्ता बन सकते हैं और सटीक भविष्यवाणी कर सकते हैं कि आपका भविष्य कैसा होगा। अगर इस अध्याय को पढ़ने के बाद आप गरीबी को स्वीकार करने के इछुक हो तो आप गरीबी को स्वीकार करने की मानसिकता बना सकते है। यह एक ऐसा निर्णय है, जिससे आप बच नहीं सकते। अगर आप अभमीरी मांगते है तो उसका स्वरुप निर्धारित कीजिए और वह मात्रा भी जिससे आप संतुष्ट हो जाए। आप अमीरी की तरफ जानेवाली सड़क को जानते हैं। आपको उस सड़क का ऐसा नक्शा दे दिया गया है। जिसका अनुसरण करने पर आप हमेशा उस सड़क पर सफलतापूर्वक चल पाएँगे। अगर आप शुरुआत करने को नजरअंदाज कर देते हैं या अगर आप अपनी मंजिल आने से पहले ही उस सड़क को छोड़ देते है तो इसके लिए दोषी कोई और नहीं, बल्कि आप ही होंगे। जिम्मेदारी आपकी है। अगर आप अब असफल होते है या जीवन की अमीरी की मांग करने को अस्वीकार करते है तो कोई बहाना आपको जिम्मेदारी स्वीकार करने से बचा नहीं सकता क्योंकि स्वीकृति के लिए केवल एक ही चीज की आवश्यकता है–उस एक चीज की जिसे आप नियंत्रित कर सकते है और वह है मानसिक अवस्था। मानसिक अवस्था एक ऐसी चीज होती है, जिसे आप धारण करते है। इसे खरीदा नहीं जा सकता, इसे तो बनाना पड़ता है।

Source: https://indianpdf.com/

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